अनुवाद और व्याकरण


अनुवाद : भाषा का जन्म मनुष्य के बीच परस्पर विचार-विनिमय के लिए हुआ। मनुष्य जब तक एक सीमित दायरे में होता हfऔर उस छोटे से समुदाय के बीच ही उसका संवाद होता है, तब तक एक भाषा से उसका काम चल जाता है। किंतु, जैसे ही उसके संवाद क्षेत्र का विस्तार होता है, उसे भिन्न – भिन्न भाषा भाषियों से संपर्क करना पड़ता है। इन्हीं भिन्न समुदायों के साथ विचार- विनिमय के लिए किसी भाषा विशेष को दूसरी भाषाओं में रूपांतरित करने की आवश्यकता पड़ती है। भाषाओं का यह रूपांतरण ही अनुवाद है। ‘अनुवाद’ शब्द में ‘अनु’ उपसर्ग है, जिसका अर्थ है- ‘बाद में’ और ‘वाद’ भाववाचक संज्ञा है, जो वद् धातु में घञ् प्रत्यय जुड़ने से बनता है| वद् का अरथा है- बोलना या कहना तथा वाद का अर्थ है- कहने की क्रिया अथवा काही हुई बात| इस प्रकार अनुवाद का तात्पर्य है- किसी एक भाषा मेँ व्यक्त भावों और विचारों को फिर से दूसरी भाषा में कहना| प्रो. कृष्ण कुमार गोस्वामी ने आज के संदर्भ में अनुवाद को इस प्रकार परिभाषित किया है: 

स्रोत भाषा में व्यक्त पाठ्य सामग्री का निकटतम समतुल्यता के आधार पर लक्ष्य भाषा में पुनर्सृजन करना अनुवाद है। 

अर्थात एक भाषा में कही गई किसी बात की दूसरी भाषा में सहज, समतुल्‍य और निकटतम अभिव्‍यक्ति ही अनुवाद है।

 

अनुवाद का महत्‍व : आज हम सूचना क्रांति के दौर से गुजर रहे हैं। सारी दुनिया एक मोबाइल यंत्र में सिमट गई है और दुनिया की तमाम जानकारी हमारी मुट्ठी में है। ऐसे में, भिन्न-भिन्न भाषाओं में उपलब्ध जानकारी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने में अनुवाद की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह –

  

  1. दो भाषाओं के बीच सांस्‍कृतिक सेतु का काम करता है। 
  2. दो समाजों के मध्‍य भावनात्‍मक एकता के विकास में सहायक है।
  3. पूर्ववर्ती समाजों की संस्‍कृतियों से पश्‍चात्वर्ती समाजों को परिचित कराता है। 
  4. किसी भी रचना को विश्‍व साहित्‍य के रंगमंच पर पहुंचाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता है। 
  5. समूचे विश्‍व को व्‍यापार, संस्‍कृति, अनुसंधान, दर्शन, राजनीति आदि विभिन्‍न क्षेत्रों में एकीकृत करने का कार्य करता है। 
  6. प्रौद्योगिकी अंतरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  7. "वसुधैव कुटुंबकं" की भारतीय अवधारणा को साकार करने की दिशा में भी सहायक है। 

व्‍याकरण – व्याकरण का तात्पर्य है– पृथक्‍करण अर्थात वाणी का विभाजन या बात को व्‍यवस्थित रूप से कहना अथवा बात को कहने के लिए नियमों की व्यवस्था। व्याकरण किसी बात को व्यवस्थित रूप में व्यक्त करने का काम करता है। यह वह साधन है,जिसके माध्यम से हम किसी भाषा को सही-सही लिखने-पढ़ने और समझने का ज्ञान प्राप्त करते हैं। 

व्‍याकरण की आवश्‍यकता क्‍यों ?

किसी भी भाषा में विचार, भाव या विषय को अभिव्यक्त करने और समझने के लिए उस भाषा के व्याकरण का ज्ञान होना अत्यंत आवश्यक है। तभी तो किसी मनीषि ने अपने पुत्र को व्याकरण के अध्ययन का का महत्व बताते हुए कहा था - 

यद्यपि बहुनाधीषे तथापि पठ पुत्र व्याकरणं यतो हि

स्वजनो श्वजनो मा भूत सकलो शकलो मा भूत।

(हे पुत्र ! हालाँकि तुमने बहुत कुछ पढ़ लिया है, फिर भी व्याकरण अवश्य पढ़ो, ताकि स्वजन (अपने लोग) को श्वजन (कुत्ता) तथा सकल (संपूर्ण) को शकल (हिस्सा/ अंश) कहने की गलती न कर बैठो )।

पूर्वोक्त उदाहरण से स्वत: स्पष्ट है कि व्याकरण के ज्ञान के अभाव में अपनी बात को ठी-ठीक व्यक्त कर पाना और दूसरों की बात को समझ पाना कठिन है। 

अनुवाद में व्याकरण की भूमिका – अनुवाद की पहली आवश्यकता है- कम से कम दो भाषाओं अर्थात स्रोत भाषा और लक्ष्य भाषा का ज्ञान, और इस प्रकार अनुवाद के लिए स्रोत भाषा और लक्ष्य भाषा दोनों के व्याकरण का ज्ञान होना आवश्यक है। स्रोत भाषा में अभिव्यक्त भाव या विचार के अर्थग्रहण का पहला साधन है-व्याकरण। अनुवाद करते समय मूल भाषा की व्याकरणिक संरचना को लक्ष्य भाषा में ज्यों का त्यों रख देने से मूल भाव प्रकट नहीं हो सकता। इसके लिए आवश्यक है कि सर्वप्रथम मूल भाषा का भाषिक विश्लेषण करके उसके भाव को अच्छी तरह समझ लिया जाए और यह तभी हो सकता है जब व्याकरण का अच्छा ज्ञान हो।

उदाहरण के तौर पर- "यह काम मैंने ही किया है" का अंग्रेजी में सीधे –सीधे ऐसा ही अर्थ देने के लिए कोई शब्दावली नहीं है। इसमें "मैंने ही" शब्दों के लिए ' It is me who' शब्दावली का सहारा लेना पड़ेगा और पूरे वाक्य का अनुवाद होगा- ' It is me who has done this work'.

अंग्रेजी के you शब्द के लिए हिंदी में तीन शब्द हैं- तू, तुम और आप । अत: हिंदी में अनुवाद करते समय इस शब्द के लिए तीनों शब्दों का प्रयोग किया जा सकता है, परंतु सही शब्द का प्रयोग तभी होगा, जब भाषा और व्याकरण का पूरा ज्ञान हो।

इसी प्रकार, I heartily reciprocate को हिंदी में सीधे-सीधे तीन शब्दों में व्यक्त करने के लिए कोई शब्दावली नहीं है। Reciprocate शब्द का प्रयोग किसी की शुभकामना/ बधाई संदेश का उत्तर देने के लिए किया जाता है, जिसका अर्थ है- मैं भी आपको शुभकामना/ बधाई देता/ देती हूँ। अत: I heartily reciprocate का हिंदी अनुवाद होगा– मेरी ओर से भी आपको हार्दिक बधाई/ शुभकामनाएं अथवा मैं भी आपको हार्दिक बधाई/ शुभकामनाएं तेता हूँ!  

स्रोत भाषा की विषय-वस्तु का संभावित स्वरूप :

स्रोत भाषा की विषय-वस्तु निम्नलिखित दो प्रकार की हो सकती है:

  1. भावप्रधान साहित्य (Literature of Power) : भावप्रधान साहित्य से तात्पर्य है- मौलिक रचनाएं, जैसे- कहानी, कविता, उपन्यास, संस्मरण आदि, अर्थात सृजनात्मक साहित्य। इस प्रकार की अभिव्यक्ति में लक्षणा और व्यंजना की प्रमुखता होती है। किसी बात को घुमा-फिराकर कहना, एक ही अभिव्यक्ति के दो या दो से अधिक अर्थ निकलना इस साहित्य की विशेषता होती है। 
  1. सूचनाप्रधान साहित्य (Literature of knowledge) : सूचनाप्रधान साहित्य वह साहित्य है, जिसमें किसी व्यक्ति, विषय या वस्तु के बारे में जानकारी प्रदान की जाती है। इस साहित्य का गुण है, जानकारी या सूचना को सीधे-सीधे ऐसे शब्दों में व्यक्त करना, जो एक ही अर्थ दें। पढ़ने वाला व्यक्ति ठीक वही समझे जो लिखा गया है। यह सरल, सुस्पष्ट और संक्षिप्त होना चाहिए। कही गई बात का सही-सही और एक ही अर्थ निकलना चाहिए। लोकोक्तियों और मुहावरों का अर्थ निर्धारण भी लक्षणा और व्यंजना से किया जाता है। इनके अनुवाद में व्याकरण के साथ-साथ शैली का भी विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। नियमानुसार इनका शब्दानुवाद न करके लक्ष्य भाषा के समानांतर मुहावरा या लोकोक्ति दी जाती है। अंग्रेजी में एक कहावत है- A bad workman quarrels with his tools. इसका हिंदी समानांतर है- नाच न जाने आँगन टेढ़ा, जिसका अर्थ है अनाड़ी व्यक्ति अपना दोष दूसरे के मत्थे मढ़ देता है। यदि आवश्यक हो तो हिंदी की समानार्थक कहावत के बजाय भावानुवाद भी किया जा सकता है। एक और उदाहरण है- He has a sweet tooth. इसका शाब्दिक अनुवाद है- ‘उसके दाँत मीठे हैं’, जो ठीक नहीं है। इसका सही अनुवाद होगा- उसे मिठाई खाने का बहुत शौक है।      

कहने की आवश्यकता नहीं है कि कार्यालय के कामकाज की भाषा का स्वरूप सूचनाप्रधान होता है। साथ ही, कार्यालय की भाषा आम प्रयोग की भाषा से भिन्न तथा अत्यंत औपचारिक होती है। जैसे- अंग्रेजी पत्र के अंत में लिखा जाने वाला एक वाक्य है- A line in reply will be highly appreciated. इस वाक्य में यदि प्रत्येक शब्द का अनुवाद करें तो लिखा जाएगा- उत्तर में एक पंक्ति की प्रशंसा की जाएगी, जो कि न तो हिंदी की भाषा शैली और न ही व्याकरण के अनुरूप है। यहाँ हमें पूरी पंक्ति का भाव ग्रहण करते हुए उसका हिंदी रूपांतर करना होगा। इस वाक्य में पत्र के उत्तर की अपेक्षा की जा रही है। अत: इसका अनुवाद होगा- कृपया उत्तर अवश्य भेजें/ उत्तर की प्रतीक्षा रहेगी। इसी प्रकार एक और वाक्य है- If the top companies are to get their share of the talent pool, they will have to raise their game. इसका शब्दश: अनुवाद न करके इसके भाव का अनुवाद करना होगा, जो इस प्रकार होगा- यदि शीर्ष कम्पनियों को पर्याप्त संख्या में प्रतिभाशाली कर्मचारी चाहिए तो उन्हें इसके लिए विशेष प्रयास करना होगा। इस प्रकार, कार्यालय में प्रयुक्त होने वाली भाषा के अनुवाद में पहले, स्रोत भाषा में कही गई बात को व्याकरणिक विश्लेषण के माध्यम से भली-भाँति समझना आवश्यक है। तत्पश्चात उसके भाव का लक्ष्य भाषा के व्याकरण के अनुसार, स्पष्ट, संक्षिप्त और सरल शब्दों में अभिव्यक्त करना होगा। अत: कार्यालय के कामकाज की भाषा में व्याकरण की भूमिका और अधिक बढ़ जाती है।

कार्यालय में अनुवाद करते समय “ध्यान रखने योग्य” व्याकरण संबंधी मुख्य बातें

1. कर्तृवाच्य और कर्मवाच्य (Active Voice and Passive Voice ): अंग्रेजी में विषय की अभिव्यक्ति सामान्यत: कर्मवाच्य (Passive Voice) में की जाती है। अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद करते समय कर्मवाच्य को यथासंभव कर्तृवाच्य में परिवर्तित कर देना चाहिए। जैसे- 

Orders are issued from time to time and the progress made thereon is reviewed regularly by the Department of Official Language. 

राजभाषा विभाग समय-समय पर आदेश जारी करता है और इस संबंध में हुई प्रगति की नियमित रूप से समीक्षा की जाती है। 

The proposal was not approved by the Govt. 

इस प्रस्ताव को सरकार ने अनुमोदित नहीं किया।

The meeting will be followed by lunch. 

बैठक के उपरांत भोजन की व्यवस्था है। 

Necessary action has been taken by me in this regard. 

इस संबंध में मैंने आवश्यक कार्रवाई कर दी है। 

2. प्रत्यक्ष कथन और परोक्ष / अप्रत्यक्ष कथन ( Direct Speech and Indirect Speech): अंग्रेजी भाषा में जब किसी वाक्य का प्रत्यक्ष कथन से परोक्ष कथन में परिवर्तन किया जाता है तो Reported Speech के कर्ता, क्रिया और कर्म आदि में Reporting Verb के अनुसार परिवर्तन कर दिया जाता है। किंतु, हिंदी में प्रत्यक्ष कथन को परोक्ष कथन में परिवर्तित करते समय केवल ," " के स्थान पर कि का प्रयोग किया जाता है और बाकी का कथन ज्यों का त्यों रख दिया जाता है। अंग्रेजी में Reporting Verb भूतकाल में हो तो Reported Speech में निकटता सूचक शब्दों को दूरी सूचक शब्दों में बदल दिया जाता है, किंतु हिंदी में ऐसा नहीं होता है। जैसे-

   प्रत्यक्ष कथन-  He said, “I shall come here tomorrow.” उसने कहा, "मैं कल यहां आऊंगा " ।

   अप्रत्यक्ष कथन- He said that he would go there next day. उसने कहा कि मैं कल यहां आऊंगा।

   प्रत्यक्ष कथन-   Gopal said to him, “I have done my work”

                  गोपाल ने उससे कहा, "मैंने अपना काम पूरा कर लिया है"।

   अप्रत्यक्ष कथन- Gopal said to him that he had done his work.

 गोपाल ने उससे कहा कि मैंने अपना काम पूरा कर लिया है।

   प्रत्यक्ष कथन-   He said to me, “you are late’’. उसने मुझसे कहा, “ तुम देर से आए हो ”। 

   अप्रत्यक्ष कथन- He told me that I was late. उसने मुझसे कहा कि तुम देर से आए हो।

3. Modals (shall, should, will, would, can, could, may, might) का अनुवाद: कहीं-कहीं Modals का प्रयोग उस अर्थ में नहीं होता है, जो कि सामान्य रूप में प्रचलित है, अत: इनके अनुवाद में अत्यधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। जैसे -  

None shall come late tomorrow में shall का प्रयोग आदेश के अर्थ में किया गया है। अत: इसका हिंदी अनुवाद होगा- कल कोई देर से न आए।

Should there arise an occasion का हिंदी रूपांतर यदि अवसर मिले तो होगा। 

   Neither he should, nor he could, nor he would. न तो उसे ऐसा करना चाहिए था, न वह ऐसा कर सकता था और न ही उसके ऐसा करने की संभावना थी। 

   Would that I were a king का सही अनुवाद काश! मैं राजा होता! होगा।   

 These rules may be called BHEL Conduct, Discipline and Appeal Rules. इसका अनुवाद “इन नियमों को बीएचईएल आचार, अनुशासन एवं अपील नियम कहा जा सकता है” नहीं होगा। इस वाक्य में may का प्रयोग सकने के अर्थ में नहीं, बल्कि निश्चित अर्थ में किया गया है। अत: इसका सही अनुवाद होगा- 

इन नियमों का नाम बीएचईएल आचार, अनुशासन एवं अपील नियम होगा।

  

4. Ought, must और lest का अनुवाद – अंग्रेजी में ought का प्रयोग वहां होता है, जहां नैतिक बाध्यता हो, जैसे- आपको अपने माता-पिता की सेवा करनी चाहिए का अनुवाद होगा: You ought to serve your parents न कि You should serve your parents. 

   

   इसी प्रकार, must का प्रयोग अनिवार्यता के अर्थ में होता है। जैसे - You must complete the job today का हिंदी अनुवाद होगा- आपको यह कार्य आज अवश्य पूरा कर लेना चाहिए। इसी प्रकार It is must for you का हिंदी पर्याय यह आपके लिए आवश्यक है लिखना होगा। 

Lest का प्रयोग कहीं ऐसा न हो के अर्थ में किया जाता है। जैसे- Walk slowly lest you should fall का हिंदी अनुवाद होगा- धीरे चलो, कहीं ऐसा न हो कि गिर जाओ। 

   

 5. Conjunctions (जैसे- until, unless, either, neither, Either … or, Neither … nor since, therefore, though, as, if, in case) का अनुवाद- 

Until और unless का प्रयोग नकारात्मक अर्थ में होता है, अत: इनका अनुवाद करते समय भी इस बात  का ध्यान रखा जाना चाहिए। जैसे- 

 Unless you work hard, you will fail – आप मेहनत नहीं करेंगे तो फेल हो जाएंगे। 

I shall wait until you come का हिंदी पर्याय होगा – जब तक आप नहीं आ जाते, मैं आपकी प्रतीक्षा  करूँगा/ करूँगी। इस वाक्य को हिंदी में इस प्रकार लिखना बेहतर होगा- मैं आपके आने तक आपकी प्रतीक्षा  करूँगा/ करूँगी। 

Either और Neither का प्रयोग pronoun के रूप में दो वस्तुओं या व्यक्तियों के लिए होता है और verb singular number (एक वचन) प्रयुक्त होता है। अत: इनका अर्थग्रहण इसी प्रकार से करते हुए अनुवाद किया जाना चाहिए। जैसे- Either of these roads goes to the station का अनुवाद होगा- 

इनमें से कोई भी सड़क स्टेशन नहीं जाती है। 

इसी प्रकार, Neither of the employees in this group does any work का हिंदी रूपांतर ‘इस समूह का कोई भी कर्मचारी कोई काम नहीं करता है’ लिखा जाएगा।

किसी वाक्य में Either … or का प्रयोग सकारात्मक भाव के साथ होता है। जैसे – 

Either CMD or Director is required to attend the meeting. 

इस बैठक में या तो सीएमडी को या निदेशक को भाग लेना है। 

Neither … nor का प्रयोग नकारात्मक अर्थ में होता है। जैसे- Neither her mother nor father was interested to send him to hostel का हिंदी अनुवाद होगा- 

उसके माता-पिता दोनों ही उसे हॉस्टल नहीं भेजना चाहते थे।  

Since, therefore, though, as, in case, if के अनुवाद के लिए निम्नलिखित उदाहरण देखें: 

Since he did not work hard, he failed. चूँकि उसने मेहनत नहीं की, इसलिए फेल हो गया।   

He stood first, therefore he got scholarship. वह प्रथम आया, इसलिए उसे छात्रवृत्ति मिली। 

Though he is a hard working employee, he did not get promotion. 

   हालाँकि वह मेहनती कर्मचारी है,फिर भी उसे पदोन्नति नहीं मिली। 

 As he is very fat, he is not able to run fast. वह तेज नहीं दौड़ सकता, क्योंकि वह बहुत मोटा है। 

 In case CMD approves the proposal, we will get more allowances this year. 

 यदि सीएमडी अनुमोदित करेंगे तो इस वर्ष हमें अधिक भत्ते मिलेंगे।     

 I doubt if he will get promotion this year.

 उसे इस वर्ष पदोन्नति मिलने में मुझे संदेह है।     

    

6. Articles (A, An and The) का अनुवाद: आर्टिकल A और An का प्रयोग अनिश्चय के अर्थ में होता है,   जबकि The निश्चयार्थक है। जैसे- 

   There is a snake in the room. कमरे में सांप है।

   The snake is in the room.     सांप उस कमरे में है।

   The more you work, the more you will earn. जितनी ज्‍यादा मेहनत करोगे, उतना ही कमाओगे। 

   That’s a boy. वह लड़का है।

   Indian culture is not a culture but it is the culture. भारतीय संस्‍कृति अनेक संस्‍कृतियों में से एक संस्‍कृति नहीं है, बल्कि यही एकमात्र संस्‍कृति है।

7. A few, few, the few तथा a little, little and the little का अनुवाद: अंग्रेजी में a few, few तथा    the few का प्रयोग क्रमश: ‘कुछ’, ‘कोई नहीं’ और ‘जो कुछ थोड़ा-बहुत’ के अर्थ में होता है। जैसे –

    I have a few friends in Delhi. दिल्‍ली में मेरे कुछ मित्र हैं।

    Few people get perfection. पूर्णता किसी को भी प्राप्‍त नहीं होती है।

    I have lost the few books I had. मेरे पास जो भी थोड़ी बहुत पुस्‍तकें थीं, वे सब खो गईं।   

    There is a little hope of his promotion. उसकी पदोन्‍नति की कुछ उम्‍मीद है।

   He has little chance of promotion. उसकी पदोन्‍नति की कोई उम्‍मीद नहीं है।

I shall give you the little money I have. मेरे पास जो भी थोड़े-बहुत पैसे हैं, वे मैं आपको दे दूंगा। 

8. Prepositions का अनुवाद: सामान्‍य तौर पर from का हिंदी अनुवाद ‘से’ (अलग होने के अर्थ में), on और at का ‘पर’, in का ‘में’, of का ‘का’/ ‘के’/ ‘की’, with ‘साथ’ तथा by के लिए हिंदी पर्याय ‘द्वारा’ होता है। किंतु, कभी-कभी संदर्भ और हिंदी व्‍याकरण की मांग के अनुसार इनका अनुवाद सामान्‍य से भिन्‍न होता है। जैसे- A man from Varanasi का हिंदी अनुवाद होगा - वाराणसी का व्‍यक्ति या वाराणसी से आया हुआ व्‍यक्ति। इस वाक्य में आया हुआ शब्द जोड़ने से ही इसका सही अनुवाद हो पाएगा। इसी प्रकार- A certificate from doctor का हिंदी अनुवाद डॉक्‍टर से प्राप्‍त प्रमाण-पत्र होगा। कुछ और उदाहरण इस प्रकार हैं- 

    A man on the tree - पेड़ पर चढ़ा हुआ व्‍यक्ति।

    A book on the table - मेज पर रखी हुई पुस्‍तक।

    His name was mentioned at the lecture – व्याख्यान में उसके नाम का जिक्र हुआ।

    He believes in his wife - उसे अपनी पत्‍नी पर भरोसा है।

    The employees who have completed 5 years of service का हिंदी अनुवाद जिन कर्मचारियों ने सेवा के 5 वर्ष पूरे कर लिए हैं न होकर ‘जिन कर्मचारियों ने 5 वर्षों की सेवा पूरी कर ली है’ होगा।

    इसी प्रकार, Committee of Parliament on Official Language- संसदीय राजभाषा समिति है।

    Compliance with order is still awaited – अभी आदेश का अनुपालन नहीं हुआ है। 

    A school recognized by the Govt.

    सरकार से मान्‍यताप्राप्‍त स्‍कूल (न कि सरकार द्वारा मान्‍यताप्राप्‍त स्‍कूल)

   

9. His/her, their/your, my और our का अनुवाद: His/her, your, my और our के लिए हिंदी पर्याय क्रमश: उसका/उसकी, उनका/उनकी, तुम्‍हारा/आपका, मेरा/मेरी और हमारा/हमारी होता है। किंतु, जब किसी वाक्‍य में इनका प्रयोग He/ She, You, they, I और we के बाद हो तो इनका अनुवाद अपना/अपनी/अपने होता है। जैसे- 

 

    He has completed his work. उसने अपना काम पूरा कर लिया है।

    You should go your home. आपको अपने घर जाना चाहिए।

    I will collect my book from your office. मैं अपनी पुस्‍तक आपके कार्यालय से ले लूंगा/लूंगी।

    She should do her job well. उसे अपना काम अच्छी तरह करना चाहिए। 

10. पदों का व्‍यवस्थित क्रम: अनुवाद करते समय वाक्‍य में प्रयुक्‍त पदों के क्रम का ध्‍यान रखना आवश्‍यक है।  पदों का क्रम लक्ष्‍य भाषा अर्थात् हिंदी के व्‍याकरण के अनुसार होना चाहिए। यदि पदों के क्रम का ध्‍यान न रखा गया तो अनुवाद अटपटा या हास्‍यास्‍पद हो सकता है। उदाहरण के लिए देखें—

Ram was sentenced to death for cold blooded murder of his friend by justice Anand. 

इस वाक्‍य का अनुवाद करते समय इसका बहुत बारीकी से विश्‍लेषण करके इसके शब्‍द युग्‍मों को हिंदी भाषा के व्‍याकरण के अनुसार व्‍यवस्थित क्रम में रखना आवश्‍यक है। इसका हिंदी अनुवाद होगा- न्‍यायाधीश आनंद ने राम को अपने मित्र की नृशंस हत्‍या के जुर्म में फांसी की सजा सुनाई। इसी प्रकार-

This facility will be provided to dependents of all deceased BHEL employees का हिंदी अनुवाद यह सुविधा मृत बीएचईएल कर्मचारियों के आश्रितों को प्रदान की जाएगी न करके इस प्रकार किया जाना चाहिए- यह सुविधा बीएचईएल के सभी मृत कर्मचारियों के आश्रितों को प्रदान की जाएगी, जो हिंदी व्याकरण के अनुसार सही है।  

 11. किसी वाक्य में Only का स्थान बदलने से उस वाक्य का भाव भी बदल जाता है। यह नीचे दिए जा रहे उदाहरणों से स्पष्ट हो जाएगा: 

He came only to meet his friend yesterday. 

वह कल अपने मित्र से मिलने के लिए ही आया।

    Only he came to meet his friend yesterday. 

अपने मित्र से मिलने के लिए कल केवल वही आया।

    He came to meet his only friend yesterday. 

कल वह अपने एकमात्र मित्र से मिलने के लिए आया। 

    He came to meet his friend yesterday only

वह अपने मित्र से मिलने के लिए कल ही आया।

12. शर्तयुक्त वाक्य (Conditional Sentence): अंग्रेजी में जब शर्त पूर्ण होने की संभावना न हो, केवल पूर्ण होने की कल्पना हो तो I के साथ were का प्रयोग होता है। जैसे – 

     If I were Prime Minister.   यदि मैं प्रधान मंत्री होता।

     If I were to tell you.        यदि मुझे आपको बताना होता।        

Would that I were a king काश! मैं राजा होता ।

 13. लिंग, वचन और विशेषण के स्‍तर पर भी कहीं-कहीं हिंदी और अंग्रेजी के व्‍याकरण में भिन्‍नता होती है। जैसे – अंग्रेजी वाक्‍य Learned men and women में men और women दोनों के लिए एक ही विशेषण learned का प्रयोग सही है, लेकिन इसका हिंदी रूपांतर करते समय ध्‍यान रखना होगा कि learned का हिंदी अनुवाद पुरुष के संदर्भ में विद्वान और महिला के संदर्भ में विदुषी होगा। अत: इस पूरे वाक्‍य का हिंदी अनुवाद होगा -विद्वान पुरुष और विदुषी महिलाएं । 

इसी प्रकार, हिंदी वाक्‍य सुंदर लड़के-लड़कियां का अंग्रेजी में अनुवाद करते समय यह ध्‍यान रखना होगा कि सुंदर शब्‍द का अंग्रेजी अनुवाद लड़के के संबंध में handsome और लड़की के संबंध में beautiful होगा। अत: इस वाक्‍य का अंग्रेजी अनुवाद होगा - Handsome boys and beautiful girls.

Full moon in her full splendor in the sky. पूर्णिमा का चांद आकाश में अपनी पूरी आभा के साथ (चांद अंग्रेजी में स्‍त्रीलिंग, किंतु हिंदी में पुल्लिंग)|

 

14. अंग्रेजी - हिंदी अनुवाद के कुछ और उदाहरण, जहाँ गलती होने की संभावना रहती है:

     Copy may be sent to all concerned

 इसकी प्रति सभी संबंधित व्‍यक्तियों को भेज दी जाए।

 This is a greater problem. यह और भी बड़ी समस्‍या है।

    This has approval of competent authority. 

  इसे सक्षम प्राधिकारी का अनुमोदन प्राप्‍त है।

     G.M. is not competent to approve the proposal. 

 महाप्रबंधक इस प्रस्‍ताव को अनुमोदित करने के लिए सक्षम प्राधिकारी नहीं हैं।

 He is incompetent to do the work. वह इस काम को करने में अक्षम है।

      Due to non-approval by the Govt. it could not be implemented. 

 सरकार से अनुमोदन न मिलने के कारण इसे लागू नहीं किया जा सका।

********

चंद्रकला मिश्र

                     

                                                                   

टिप्पणियाँ